एमेडियो गेन्नारेली का जन्म 1881 में नेपल्स, इटली में हुआ था। वह एक इतालवी मूर्तिकार थे जो विशेष रूप से आर्ट डेको शैली में अपने कार्यों के लिए जाने जाते थे।
उन्होंने अपनी कलात्मक शिक्षा अपने गृहनगर में शुरू की और फ्रांसेस्को जेरेस के छात्र थे। वह पेरिस चले गए, जो उस समय कला की राजधानी था, जहाँ उन्होंने काम किया और रहे।
गेन्नारेली आर्ट डेको आंदोलन के एक प्रभावशाली कलाकार बन गए। उनकी मूर्तियों की विशेषता लालित्य, कामुकता और मानव आकृति का शैलीकरण है, जिसमें अक्सर साफ रेखाएँ और सूक्ष्म ज्यामितीय आकार होते हैं।
उन्होंने विभिन्न प्रकार की सामग्रियों में काम किया, जिनमें शामिल हैं: कांस्य (ब्रॉन्ज), संगमरमर (मार्बल), लकड़ी, और सिरेमिक और टेराकोटा के टुकड़े भी बनाए, जिनमें से कुछ पेरिस, लंदन और न्यूयॉर्क में अल्फ्रेड डनहिल जैसे विलासिता (लक्जरी) स्टोर में बेचे गए थे।
वह "सोसिएटे डेस आर्टिस्टेस फ़्रैंकैसेस" के सदस्य थे और 1913 से नियमित रूप से पेरिस के सैलून में प्रदर्शन करते थे। अपने करियर के दौरान, उन्हें कई पदक और सम्मान प्राप्त हुए।