ज्यूसेप डी'एस्टे का जन्म 1881 में इटली के नेपल्स में हुआ था और वह 20वीं शताब्दी की शुरुआत में पेरिस चले गए, जहाँ उन्होंने अपना कलात्मक करियर विकसित किया।
उन्होंने 1905 और 1934 के बीच पेरिस सैलून (Salon de París) में अपनी कृतियों का प्रदर्शन किया।
वह अपनी उन कृतियों के लिए जाने जाते हैं जो देहाती जीवन के सुखद दृश्यों ("fête champêtre") का प्रतिनिधित्व करती हैं।
उन्होंने मुख्य रूप से कांस्य में काम किया, अक्सर सुनहरे पैटिना (pátinas doradas) के साथ, और टेराकोटा और संगमरमर में भी काम किया।
उनकी कृतियों पर अक्सर "जे. डी'एस्टे (J. D'Aste)" या "जोसेफ डी'एस्टे (Joseph D'Aste)" के रूप में हस्ताक्षर किए जाते हैं।
उनकी कृतियाँ पेरिस में मूसी डी'ओर्से (Musée d'Orsay) के संग्रह में पाई जाती हैं।