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लटकता हुआ दीपक

L-TL-62
पुरानी आर्ट डेको शैली की लटकती हुई दीपक, शानदार डिजाइन और चमकदार रोशनी के साथ।
purani latakta hua deepak do roshni ke sath sundar parivesh mein
purani latakta hua deepak chamakdar roshani ke saath Art Deco shaili, aakarshak aur sajawat bhara
पुरानी लटकता हुआ दीपक गर्म रोशनी, शानदार डिज़ाइन विवरण, आरामदायक माहौल।
पुरानी लटकती हुई दीपक उज्ज्वल रोशनी और आकर्षक डिज़ाइन के साथ पुराने माहौल में।
पुराना-लटकता-दीपक-चार-चमकदार-रोशनी-से-परिपूर्ण-स्थान
प्राचीन लटकता हुआ दीपक, उज्ज्वल प्रकाश, शानदार और सजावटी
प्राचीन लटकता हुआ दीपक उज्ज्वल बल्ब और सुरुचिपूर्ण डिजाइन के साथ, नरम प्रकाश पृष्ठभूमि।
पुरानी आर्ट डेको शैली की लटकती हुई दीपक, शानदार डिजाइन और चमकदार रोशनी के साथ।
purani latakta hua deepak do roshni ke sath sundar parivesh mein
purani latakta hua deepak chamakdar roshani ke saath Art Deco shaili, aakarshak aur sajawat bhara
पुरानी लटकता हुआ दीपक गर्म रोशनी, शानदार डिज़ाइन विवरण, आरामदायक माहौल।
पुरानी लटकती हुई दीपक उज्ज्वल रोशनी और आकर्षक डिज़ाइन के साथ पुराने माहौल में।
पुराना-लटकता-दीपक-चार-चमकदार-रोशनी-से-परिपूर्ण-स्थान
प्राचीन लटकता हुआ दीपक, उज्ज्वल प्रकाश, शानदार और सजावटी
प्राचीन लटकता हुआ दीपक उज्ज्वल बल्ब और सुरुचिपूर्ण डिजाइन के साथ, नरम प्रकाश पृष्ठभूमि।
माप +
ऊंचाई82 cm / 32.28 in
व्यास40 cm / 15.75 in
सामग्री
देश England
दुकान Defensa 982
शैली / जानकारी +
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आर्ट डेको शैली

आर्ट डेको (Art Deco) नाम 1960 के दशक में पेरिस के म्यूज़ियम ऑफ़ डेकोरेटिव आर्ट्स (Musée des Arts Décoratifs) में आयोजित "लेस एनेस 25" (Les Années 25) नामक प्रदर्शनी में दिया गया था।


  1. इस शैली के पहले नमूने 1925 में पेरिस में आयोजित "इंटरनेशनल एग्ज़ीबिशन ऑफ़ डेकोरेटिव आर्ट्स एंड मॉडर्न इंडस्ट्री" (International Exhibition of Decorative Arts and Modern Industry) में देखे जा सकते थे। यह प्रदर्शनी 1902 में ट्यूरिन और 1906 में मिलान में हुई प्रदर्शनियों की सीधी प्रतिक्रिया थी।


  1. आर्ट डेको शैली 1920 से 1940 के बीच उभरी और यह सममित, सीधी रेखाओं, अमूर्त डिज़ाइनों और बोल्ड रंगों से पहचानी जाती है।


  1. इसमें चर्मपत्र (pergamino), शार्क की त्वचा (एक छोटी मछली), क्रोम के टुकड़े और इनेमल जैसे विदेशी सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया। हाथीदांत और सीप के जड़नकाम (inlays) का भी उपयोग होता था।


इसके विपरीत, आर्ट नोव्यू (Art Nouveau) शैली में प्रकृति से प्रेरित असममित, घुमावदार रेखाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया था।